यह पुस्तक अनंत यामिनी (लेखक: हैमेंद्र सोनी) प्रेम विरह और जीवन की अनकही भावनाओं का गहन चित्रण करती है। कहानी वाराणसी के घाटों की पृष्ठभूमि में बुनी गई है जहाँ जीवन और मृत्यु के बीच का अदृश्य धागा हर पल महसूस होता है। इसमें दो आत्माओं की यात्रा है जो समय और परिस्थितियों से परे जाकर एक-दूसरे में अपना ठिकाना खोजती हैं। प्रेम यहाँ केवल मिलन नहीं बल्कि आत्मिक जुड़ाव और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। गंगा किनारे की शांति घाटों की आभा और मानवीय रिश्तों की जटिलता पाठक को गहराई तक छू लेती है। यह उपन्यास हृदय और आत्मा की अनंत यात्रा का अनुभव कराता है।