Hindi Kavya

About The Book

<p><b> About the Book: </b></p> हिंदी विश्व की समृद्धतम भाषाओं में से एक है | हिंदी भाषा में रचित काव्य- साहित्य अनुभूति और अभिव्यक्ति उभय पक्ष की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और उदात्त है | हिंदी कविता की विकास यात्रा प्रारंभ होती है सरहपा से। लगभग 1300 वर्ष की इस दीर्घ विकास यात्रा में जैसे-जैसे समाज में परिवर्तन आया सामाजिक परिस्थितियाँ बदली वैसे-वैसे कविता की भाषा विषय वस्तु और स्वरूप भी परिवर्तित हुआ| विवेच्य पुस्तक में आदिकाल से लेकर अध्यावधि तक के महत्वपूर्ण कवियों और उनकी रचनाओं को शामिल किया गया है। हिंदी की विशाल और अमूल्य काव्य साहित्य राशि का एक सर्वेक्षण इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है।'' हिंदी काव्यʼ पुस्तक हिंदी विषय के विद्यार्थियों शोधार्थियों और सह्रदय पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी ऐसा विश्वास है । डॉक्टर अंशुमान सिंह डॉक्टर रामचंद्र रजक <p><b> About the Author: </b></p> डॉ० अंशुमान सिंह असि० प्रोफेसर हिन्दी विभाग बयालसी पी.जी. कॉलेज जलालपुर जौनपुर डॉ० रामचन्द्र रजक असिस्टेंट प्रोफेसर भारतीय भाषा विभाग दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय गया बिहार
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