यह किताब हिंदुस्तान के उन लोगों के लिए लिखी गई है जिन्हें कानून की अच्छी समझ नहीं है. आम जनता कानून की पेचीदगियों को अच्छी तरह से नहीं समझ सकती है. कानून को समझने के लिए उन्हें ऐसी किताब मिलना चाहिए जिसे वे अपनी भाषा में अच्छी तरह से समझ सकें . आमतौर पर कानून की जो किताबें हैं उन में जटिल और वैज्ञानिक भाषा का उपयोग किया गया है. कानून को सरल भाषा में समझाना चाहिए. बेशक यह किताब वकीलों के लिए नहीं है. न हीं इसमें बहुत सारी रुलिंग्स का जिक्र है क्योंकि इस तरह से किताब अत्यंत जटिल हो जाएगी और फिर आम जनता की बोलचाल की भाषा से दूर हो जाती है. उसे समझने में भी उन्हें बहुत परेशानी होती है.