प्रसिद्ध लेखक पं. विजयशंकर मेहता ने अपनी किताब "हिन्दू होने का मतलब" में हिन्दुत्व के सही मायने बहुत ही बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किए हैं। पं. मेहता जी ने बहुत अच्छी बात कही है कि जो शब्द 'हिन्दुत्व' मनुष्य जीवन का सार है प्राणिमात्र की उच्चतम अभिव्यक्ति है उसे राजनीति से जोड़ दिया जाए इसे दुर्भाग्य नहीं तो और क्या कहा जाएगा। मैं स्वयं जन्म से हिन्दू हूँ और अपने इस गर्व पर दूसरी बिरादरी को कभी अपमानित नहीं करना चाहता। सभी के पास श्रेष्ठ होता है। व्यक्ति हो या धर्म जहां से भी श्रेष्ठ लिया जा सके हमें ले लेना चाहिए । जरूर पढ़िये--