हृदय की प्यास आचार्य चतुरसेन का अत्यंत महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। इसमें उन्होंने ऐसे युवक-युवतियों की सरस कथा कही है जो वासनाओं की ओर झुकते हैं और फिर भावना तथा कर्तव्य की पहेली को सुलझाने के प्रयास में लग जाते हैं। प्रारंभ से अन्त तक पठनीय एक अत्यंत रोचक उपन्यास।