जब हम किसी ऐसी शख्सियतको खोते हैं जो लाखों-करोड़ों आम जनों के लिये एक बेहतर खूबसूरत और सुरक्षित दुनिया बनाने के लिये लड़ते-जूझते विदा हो गया हो जो जैसे उस जमाने से आकर हमारे साथ खड़ा हो गया हो जहाँ पश्चिमी लालच लूट दबंगई और दुष्प्रचार मनुष्य की चेतना और गौरव को दबोच पाने में कामयाब नहीं हो पाये थे जो इतिहास को अपने हृदय के रक्त से एक दुर्धर्ष महागाथा—अप्रतिम महाकाव्य की तरह लिख-रच कर चला गया हो तो ऊपर से भले ही कुछ खत्म हुआ न दिखता हो—दुनिया वैसे ही चलती रहती हो प्रलय सब कुछ मटियामेट न कर देता हो महाद्वीप दरकने नहीं लगते हों मगर एक शून्य एक ठहराव एक रिक्तता हमारे दिलों में हमारी आत्मा में घर कर लेती है। क्या था चावेज? कौन था चावेज? दक्षिणपंथी पूँजीशाही के लिये तानाशाह? सनकी? उजड्ड? गँवार? थुलथुल होठों वाला गुरिल्ला? बन्दर? कलुआ? या फिर वेनेजुएला के श्रमशील उत्पीड़ित जनों के लिये बोलिवार के शौर्य और सपनों का वारिस? जनता के जनतंत्र का हठीला सिपाही? साम्राज्यवादी गोलियथ की नींदें हराम कर देने वाला डेविड? सत्ता की ताकत जनता के हाथों में सौंपने वाला नेता? शैतान की आंखों में आँखे डालकर उसकी हैसियत बताने वाला साहसी? नयी सदी के नये समाजवाद का प्रयोगधर्मी? जनता के साथ अपने राष्ट्रपति भवन की बालकनी से वेनेजुएला की सड़कों-चौराहों पर झुग्गी-झोपड़ों में घंटों-घंटों बतियाने वाला उनकी सुनने वाला अपनी सुनाने वाला उनके साथ हँसने मुस्कराने कहकहे लगाने वाला उनके संग गाने-नाचने वाला—किस्से-कहानियाँ सुनने सुनाने वाला लोक गायक—लोक नर्तक राष्ट्रपति? वेनेजुएली संपदा को अमेरिकी सम्राज्यवाद को सौंपने से इन्कार करके वेनेजुएला लैटिन अमेरिका और समूची दुनिया की जरूरतमन्द गरीब जनता की बेहतरी में लगाने वाला नया समाजवादी? .......