हम पर अत्याचार क्यों? पुस्तक यथार्थवाद पर आधारित है। इस पुस्तक में सत्य लोगों की पीड़ा दुख-दर्द युद्ध से विनाश आदि के वर्णन के साथ-साथ अंधविश्वास शोषण छुआछूत-भेदभाव व अमानवीय कृत्यों पर प्रहार किया गया हैं। यह जातिवाद धर्मवाद वर्गवाद भाई- भतीजावाद छुआछूत आदि के कारण मानवता को झकझोर करने वाली घटनाओं से परिपूर्ण है। इस पुस्तक में व्यक्तिगत व सार्वभौमिक पहलुओं को लिया गया है। लेखक के अनुसार इंसानियत (मानवता) ही सर्वोपरि धर्म है। निष्कर्ष रूप से कह सकते हैं कि इस पुस्तक में सच को सच कहने की हिम्मत की गई है।