राज गोस्वामी वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं । वे अंग्रेजी विषय में ग्रेजुएट हैं। सन् 1986 में अभ्यास करते हुए उन्होंने आणंद शहर के दैनिक 'नया पड़कार' से अपने कॅरियर का आरंभ किया था। उसके बाद वे 'गुजरात समाचार' के मुंबई संस्करण से जुड़े थे; 16 वर्ष तक कार्यरत रहकर संपादक बने। सन् 2003 में अहमदाबाद से आरंभ हुए 'दिव्य भास्कर' में संपादक के रूप में जुड़े और बाद में वडोदरा में भी 'दिव्य भास्कर' के संपादक के रूप में कार्यरत रहे । सन् 2007 में संदेश दैनिक' के संपादक बने। उन्होंने तीन वर्ष तक 'दिव्य भास्कर' 'डिजिटल एडिटर' के रूप में भी काम किया था। उन्होंने इन सब अखबारों में समकालीन विषयों साहित्य सिनेमा कला विज्ञान और दर्शन पर नियमित रूप से लेख लिखे हैं। इकिगाई उनकी दूसरी पुस्तक है । इससे पहले उन्होंने इजराइल के इतिहासकार युवल नोआ हरारी की प्रसिद्ध पुस्तक 'सेपियंस : मानव जाति का संक्षिप्त इतिहास' का गुजराती भाषा में अनुवाद किया।