तुझसे बस यही आख़री फ़रियाद करना चाहता हूंमुझे कुछ ज़ख़्म दो मैं तुमको याद करना चाहता हूंकभी गुजरो इधर से तो तकल्लुफ़ में ही मिल लेनामैं तन्हा हूं बहुत मैं तुमसे बात करना चाहता हूंसचिन सागर वाकई में मोहब्बत की शायरी के सागर हैं! कविता के माध्यम से मोहब्बत के सभी पहलुओं को गहराई तक छूने की ग़ज़ब कला है! शेरो शायरी लिखने का लहज़ा ऐसा है कि श्रोता को लगे कि उसके दिल के ज़ज़्बात को उसकी प्रेमिका के लिए लिखा हैहमने हिंदुस्तान बनाया तुमने कैसा कर डालासत्य अहिंसा के झंडे को झूठ फ़रेब से भर डालासही मायनों में कलमकार समाज का आईना है सचिन सागर सामाजिक राष्ट्रीय मूल्यों में आई गिरावट पर सटीक व्यंग करते हैंतूफ़ानों से लड़के ख़ुद को तैयार कीजिएफिर दुनिया सुनेगी बात इंतज़ार कीजिएअब जल उठे चिराग़ तो बुझने नहीं वालेकोई जाके हवाओं को ख़बरदार कीजिए सचिन सागर की प्रेरणा दायक कविता हो या मोहब्बत की शायरी हो युवाओं में बहुत पसंद की जाती है