प्रस्तुत काव्य संग्रह इस कृति में हर प्रकार की परिस्थितयों को चुनौती -स्वरुप स्वीकार करने की हुंकार भरी गई हैl अच्छे संस्कारबुद्धिविवेक और शिक्षा जिसमें आध्यात्मिक शिक्षा भी शामिल हैइन सब की महत्ता और आवश्यकता पर उक्त पुस्तक के माध्यम से प्रकाश डाला गया है। उक्त पुस्तक में कटू अनुभवों और कल्पनाओं के आधार पर समग्र विकास की आवश्यकता पर बल देने के साथ -साथ वर्तमान तंत्र में शोषणअन्याय दिखावा व फिजूलखर्ची के प्रति विरोध की आवाज़ को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रुप में प्रखर तरीके से उठाने का प्रयास किया गया है। संघर्ष क्रियाशीलतादेश भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलने की अपेक्षा भी प्रस्तुत काव्य संग्रह के माध्यम से की गई है।