वरिष्ठ कवि-कथाकार-संपादक शैलेंद्र शांत की कविता विधा में यह आठवीं पुस्तक है। प्रस्तुत पुस्तक मनुष्य समाज प्रेम प्रकृति जैसे विविध विषयों की कविताओं से सुसज्जित है। सहज-सरल भाषा में गंभीर अभिव्यक्ति एवं विषयों में नवीनता की दृष्टि से यह पठनीय संग्रह है।