जब-जब काव्य संग्रह पाठक के अंतर्मन को छूती कविताओं का संकलन है। जीवन के विभिन्न पहलुओं की झलक इन रचनाओं में दिखाई देती है। काव्य संकलन में व्यक्त अंतर्द्वंद प्रतिक्रियाएँ सरोकार पाठक को लगता है उसी के मनोभावों की अभिव्यक्ति है। समाज के हर स्पंदन की अभिव्यक्ति पाठक को लगता है उसी की भावनाओं को ये रचनाएं अभिव्यक्त कर रही हैं । यह संकलन अंतर्मन के गहन एहसासों संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों की सहज अभिव्यक्ति है।