जब काम बोलता है तब नाम बोलता है हर मेहनत का अंजाम बोलता है सींचते है जो खून और पसीने से अपने आज को आने वाला कलउनकी सफलता का पैग़ाम बोलता है।जब काम बोलता है तब नाम बोलता है।जो निगाहों को अपनी एक राह पे जमा केबेफ़िज़ूल हसरतों को सीने में दफ़ना के बंदिशों की बेड़ियों को जिद की आग में पिघला केबेझिझक आगे बढ़ता जाता हैउसके सुर में एक दिन सारा आवाम बोलता है।जब काम बोलता है तब नाम बोलता है।रास्तों की कमी नहीं है दुनियाँ मे रेतीली राहों से गुज़रने का हुनर होना चाहिए आराम पसंदी की दुनिया से निकलकर काटों पे चलने का ज़िगर होना चाहिए जो जोखिम उठा सकते है जान पे खेलने का और माद्दा रखते है समय से को पकड़करपीछे धकेलने का एक दिन ऐसे ही लोगों के एक-एक पल का दाम बोलता है।जब काम बोलता है तब नाम बोलता है।