हमारे समय के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर कुमार नयन पर केंद्रित किताब ''ष्जहाँ कोई कबीर जिंदा है'' आ रही है। इसका संपादन चर्चित साहित्यकार अरुण शीतांश ने किया है। मानवीय दृष्टिकोण से देऽें तो नयन एक कमाल के व्यत्ति थे। वे संघर्ष और मानवीय दृष्टिकोण वाले व्यत्तित्व के धनी थे। जिनकी रचनाएं स्वयं ही बहुत कुछ बोलती हैं। सब को कोरोनाकाल में मदद की। इस पुस्तक के बहाने हम उन्हें याद कर रहे हैं। जिनकी मौत पिछले दिनों हो गई। आम आदमी के लिए जीवन अर्पण कर दिया कुमार नयन ने।