यह एक काल्पनिक कहानी है । इसमें कुछ धनवान लोग निराधार बच्चों को शिक्षा और हुन्नर देने वाली संस्था को कम लागत में अपना कारखाना स्थापित करने के लिए झूठे हथकंडे अपनाते हुए अदालत को गुमराह करके बंद करवाते है।एक विद्यार्थी साधु का वेष धारण कर किस प्रकार से धनवानों को सुधारता है और अदालत में सच्चाई साबित कर देता है यह काल्पनिक कहानी के मध्यम से बताया गया है।इस कार्य मे श्रीमान सिराज मावाणी का मुझे टेक्निकल सहायता मिली ।