Jananayak Subhash Yadav

About The Book

निमाड़ के छोटे से गाँव बोराँवा तहसील कसरावद ज़िला ख़रगोन में 1 अप्रैल 1946 को जन्मे जननायक सुभाष चन्द्र यादव के व्यक्तित्व संघर्ष व कृतित्व पर यह पुस्तक एक विनम्र प्रयास है। एक-एक बूँद पानी के लिए तरसती निमाड़ की प्यासी धरती के लिए वे ‘भगीरथ’ बनकर आये अपने संघर्ष से नर्मदा नदी पर इंदिरा सागर बांध जैसा बड़ा व अनेक छोटे बांध बनवाकर निमाड़ की बंजर धरती को हरा-भरा कर दिया। आपने एक निडर राजनेता और कुशल प्रशासक के रूप में अपनी एक अलग व अमिट पहचान बनाई। सहकारिता के पुरोधा बनकर किसानों के सहकार से जवाहरलाल सहकारी सूत मिल सहकारी शक्कर कारखाना जैसी अनेक संस्थाएँ बनाकर किसानों को शोषण से बचाया। एक महान शिक्षाविद् के रूप में ग्रामीण क्षेत्र में जनसहयोग से इंजीनियरिंग फ़ार्मेसी आदि की उच्च तकनीकी संस्थाएँ बनाकर ग्रामीण युवाओं का भविष्य संवारा। अपने कृतित्व से यूरोप अमेरिका सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपना निमाड़ व देश का नाम रोशन किया। सदी के इस महानायक को शत्-शत् नमन है।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
downArrow

Details


LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE