सुप्रसिद्ध साहित्यकार कवि श्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता जी की प्रस्तुत काव्य संकलन 'जनभाषा कविता के गांव (कविता के रंग - कहानी के संग) की अधिकांश कविताएं कहानियां गांव की मनोरम प्रकृति की झांकियां दिखातीं हैं। गांवों से गुजरते हुए मानव-सभ्यता के विकास की झलक इनमें विशुद्ध रूपेण दिखाई पड़ती है। और जिसकी प्रभा सुधी पाठकों के मानस-स्थल को दीप्त कर देगी। ऐसा मेरा विश्वास है कि इस पुस्तक को आद्योपांत पढ़ते हीं सुधी पाठकों का दिल बाग बाग हो जायेगा। मनीषी पाठकों के लिए प्रभावकारी चिंतन का आधार तो इसमें मिलेंगे हीं उन्हें सहज मनन के सांचे भी उपलब्ध मिलेंगे। इस पुस्तक की रचनाओं में कृत्रिमता व्यर्थ का भ्रम आदिक सामान्य पाठकों को कतई नहीं मिलेंगे। इसमें उन्हें जगह-जगह हर्ष प्रेम आनंद आदिक के साक्षात् दर्शन होंगे और जिसे पढ़ते हीं उनका हृदय गद्गद हो जायेगा।