जनसंपर्क का प्रबंध विधाओं में एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह कोई नई विधा नहीं हैं। यह उतनी ही पुरानी है जितना पुराना मानव जीवन। आज जनसंचार माध्यमों से संबंधित टेक्नोलॉजी के नएनए आविष्कारों ने जनसंपर्क को नई दिशा प्रदान की है। अमित कुमार की यह पुस्तक उन इच्छुक विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगी जो इसे कैरियर के रूप में अपनाना चाहते हैं।<br>सीवान (बिहार) के एक छोटे से गांव सादिकपुर के एक कायस्थ परिवार में जन्मे अमित कुमार की अब तक एक दर्जन कहानियां और इतनी ही कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा श्री कुमार ने दो फिल्मों की कहानी और संवाद पांच रेडियो नाटक और दो एकांकी नाटक भी लिखे हैं। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से ये राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।