रंगनायकम्मा एक लम्बे समय से जाति प्रश्न पर उनके लेखन पर उठाये गये प्रश्नों का उत्तर देती रही हैं जाति प्रश्न का मार्क्सवादी वर्ग विश्लेषण प्रस्तुत करती रही हैं और अम्बेडकर के विचारों की कुशाग्र समालोचना प्रस्तुत करती रही हैं। इस संकलन के अधिकतर लेख उन प्रश्नों और आरोपों के जवाब में लिखे गये पोलेमिकल लेख हैं जो जाति प्रश्न के मार्क्सवादी विश्लेषण और रंगनायकम्मा के लेखन पर लगाये जाते रहे हैं।