जब आप कमजोर पड़ें तो एक मुक्केबाज की तरह सोचें । मुक्का खाकर गिरने के बाद आपको वापस खड़े होने के लिए बस दस सेकेंड मिलते हैं। एक सेकेंड की भी देर से खेल खत्म हो जाता है। आप एक बड़ा नेता बनना चाहते हैं लेकिन क्या आपको लगता है कि अब आप हार कर बैठ जाने वाले हैं? क्या आप एक संगठन खड़ा करना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि आपकी बेटी दुनिया की सबसे बेहतरीन बेटी बने? अगर आपका एक भी जवाब हां में है तो जीतने की आदत किताब आपके लिए ही लिखी गई है। यह किताब आप के सोचने काम करने और रहने का तरीका बदल देगी। इसमें खुद पर विश्वास करने मज़बूती से जुटे रहने नेतृत्व करने और टीम के साथ जोड़ने वाली प्रेरणादायक कहानियां हैं। ऐसी कहानियां जो आपको नए जोश और कुछ करने की ललक से भर देंगी।जीतने की आदत में कोला पर लड़ाई से लेकर क्रिकेट के नायकों तक मिशेल ओबामा की मैनेजमेंट तकनीक से महात्मा गांधी की उदारता तक के किस्से हैं। आप जीवन जीने का तरीका मेढकों खरगोशों शार्कों और तितलियों से या फिर पतंगों और गुब्बारों से भी सीख सकते हैं। ये सब मिलकर आपके अंदर के विजेता को उभरने और बढ़ने को प्रोत्साहित करते हैं। 'वाह! इस किताब में कई अच्छे विचार हैं कहानियां हैं और ऐसी प्रेरणा है जो जीवन के हर क्षेत्र में आप की सोच को और भी सकारात्मक और सफल बनाएगी।' -ब्रायन ट्रेसी नो एक्सक्यूजेस! द पावर ऑफ सेल्फ डिसिप्लिन के लेखक'हर संस्कृति में एक पीढी से दूसरी तक कहानियों के जरिए ज्ञान पहुंचाने की परंपरा होती है। प्रकाश इन पुराने नुस्खों के जरिए आज की दुनिया में जीवन को बेहतर और खुशहाल बनाने की शिक्षा देते हैं।' -समीर के. बरुआ निदेशक आईआईएम अहमदाबाद'महान संदेश... पढ़ने लायक और बेहद आसान। हर युवा मैनेजर को इसे पढ़ना चाहिए! -पी.एम. सिन्हा पूर्व सीईओ पेप्सीकोला बॉटलिंग इंटरनेशनल दक्षिण एशिया