Jeetne Ki Aas


Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE

About The Book

जीतने की आसआस… जो कभी पूरी नहीं होती। क्या सच में जीत सिर्फ सपनों को हासिल करने से मिलती है? या फिर रिश्तों को निभा लेने से? ‘जीतने की आस’ एक ऐसी कथा है जो इन दोनों सवालों के बीच की खामोश लड़ाई को उजागर करती है। मीरा- जिसने सफलता के शिखर छूने के लिए सबकुछ पीछे छोड़ दिया। अरविंद- जिसने अपने लोगों के लिए अपनी पूरी दुनिया कुर्बान कर दी। उसका संघर्ष अपने दिल और दिमाग के बीच है। पर क्या वे सच में जीत पाए? यह कहानी सिर्फ दो किरदारों की नहीं है यह हम सबकी है- जो रोज़ इस सवाल के साथ जीते हैं कि “क्या मैं वाकई जीत रहा हूँ?” कभी-कभी जीतने के लिए सिर्फ ‘आस’ ही काफी नहीं होती… उसे समझने की ज़रूरत होती है। इस कथा के तमाम किरदार भावनाओं के गहरे रंग भरते हैं और पाठकों को यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या वास्तव में सफलता ही अंतिम सत्य है? जहाँ जीत न तो अकेले सफलता से मिलती है न ही सिर्फ प्रेम से। यह कहानी सिर्फ प्रेम कथा नहीं बल्कि आत्मा की परतों को छूती एक भावनात्मक खोज है जिसमें पात्र खुद से अपने फैसलों से और अपने अधूरेपन से टकराते हैं। यह एक गहरी ठहरी हुई और आत्मा को छू लेने वाली कथा है जो आपको खुद से सवाल करने पर मजबूर कर देगी। यह उपन्यास एक जीवनदर्शन है- जिसमें ‘संतुलन’ ही जीत है। यह कहानी उन तमाम लोगों की है जो रोज़ अपने भीतर जीतने की एक अधूरी सी ‘आस’ लेकर जीते हैं। और अंत में यह उपन्यास लिखना मेरे लिए वास्तव में प्रेम और कर्तव्य के बीच संघर्ष को विरह की टूटन को और आत्मा की गुमनाम चुप्पी की चीखों को शब्दों में बदलने जैसा था...
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Fast Delivery
Fast Delivery
Sustainably Printed
Sustainably Printed
downArrow

Details