इस पुस्तक के माध्यम से किसी भी सामान्य व्यक्ति के इन्ही तीन प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास किया गया है। पुस्तक के शीर्षक अनुसार पाठ्य विषय वस्तुकोकुल सात भागो में इस तरह विभाजित किया गया है कि पाठक के लिए यह न केवल रूचिकर हो जाये बल्कि उपयोगी भी हो जाये। इस पुस्तक को इस तरह डिजाईन किया गया है कि किसी के लिए भी शुरुआत करना और प्रथम कदम उठाना आसान हो जाये। इस पुस्तक में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ अंत में प्रायोगिक एवं व्यावहारिक अभ्यास के लिए कार्य पुस्तिका का समावेश भी किया गया है ताकि पाठक को अपने जीवन में सफल होने के लिए प्रथम कदम उठाना आसान हो। यदि कोई व्यक्ति इस पुस्तक को ध्यान से पढ़ता है इसमें बताये गए सुझावो पर अमल करता है अभ्यास पुस्तिका कोपूर्णरूप से भरता है और सतत् इस अनुसार कार्यवाही करता है तो निश्चित ही उसे अपने जीवन में बदलाव का अनुभव होगा और उसके जीवन में सफलता का मार्गप्रशस्त होगा। एक सामान्य व्यक्ति के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसे अपनी समस्याओ के बारे में ही ठीक से नहींपता कि उसके साथ क्या-क्या समस्याए है और इस स्पष्टता के अभाव में उसे आगे का रास्ता भी समझ नहींआता और इस तरह वह सामान्यता या औसत जीवन के जाल में फसा रहता है और संघर्ष करता रहता है।