मीडिया एवं पत्रकारिता का निरंतर विकास किसी भी समाज में मौजूद व्यापक सामाजिक सांस्कृतिक आर्थिक एवं शैक्षणिक परिवेश पर निर्भर करता है इसलिये मीडिया एवं पत्रकारिता के स्थानीय संदर्भों को समझने के लिए इस परिवेश को समझना आवश्यक है। झारखंड गठन के बाद राजधानी रांची समेत अन्य बड़े शहरों में समाचारपत्र रेडियो टेलीविजन फिल्म विज्ञापन जनसंपर्क नाटक साहित्य डिजिटल प्लेटफॉर्म मीडिया शिक्षण सभी कुछ निरंतर विस्तार ले रहा है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मीडियाके साथ-साथ क्षेत्रीय मीडिया के बारे में भी विद्यार्थियों को जाननाआवश्यक है। इससे अपनी पृष्ठभूमि को समझने और जड़ों से जुड़ने में उन्हें मदद मिलेगी। झारखंड में अनेक संस्थान मीडिया पाठ्यक्रम चला रहे हैं। लेकिन यहां केमीडिया के बारे में व्यवस्थित शोध एवं लेखन की कमी है। झारखंड कीपत्रकारिता के अतीत पर जरूर कुछ काम किया गया है लेकिन मीडिया केविभिन्न आयामों को समेटे एक समग्र पुस्तक का नितांत अभाव है। यह पुस्तक झारखंड में मीडिया के अतीत वर्तमान एवं भविष्य के बारे में नवीनतम सामग्री उपलब्ध करती है। साथ ही मीडिया के समक्ष चुनौतियों एवं संभावनाओं पर एक सार्थक विमर्श को जन्म देती है। पुस्तक अनुभवीलेखकों के केवल निजी विचारों एवं मंतव्यों पर आधारित ना होकर जानकारी के अनेक स्रोतों जैसे ग्रंथों पुस्तकों शोधपत्रों साक्षात्कारों समाचारों सरकारी दस्तावेजों एवं व्यक्तिगत अनुभवों को अपना आधार बनाती है। तथ्यात्मक विवरण के साथ-साथ इसमें पर्याप्त वैचारिक सामग्री भी मौजूद है। आशा है यह पुस्तक झारखंड में मीडिया के गंभीरअध्ययन-अध्यापन एवं शोध को प्रोत्साहित करते हुए उसे एक मज़बूत आधार प्रदान करेगी।
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.