कविता कवि के अन्तर्मन में उत्पन्न तरंग का प्रतिफल है जिसके फलस्वरूप ‘जिनके हम सब माली हैं’ काव्य-संग्रह का उद्भव हुआ है। यह मेरी प्रथम पुस्तक के रूप में उजागर हुई है। कहा जाता है कि कोई कवि बनता नहीं है बल्कि कवि काव्यकृति जैसी ईश्वरीय उपहार के साथ जन्म लेता है जो संसार के लोगों से अपनी रचनात्मकता के लिए प्रोत्साहन पाकर अग्रसर होता है।--- मनोज कुमार