पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य बीमा के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। डिजिटल बीमा का विस्तार हुआ है जिससे ग्राहकों को त्वरित और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिर भी जनसंख्या के अनुपात में बीमा क्षेत्र में जितना विस्तार होना चाहिए वह नहीं हुआ है। हमारे देश में वित्त वर्ष 2021 में बीमा-पैठ मात्र 4-2% थी जिसमें जीवन वीमा पैठ केवल 3-2% रही है। अतः यह स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में विस्तार और रोजगार की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में मुझे बीमा से जुड़ने की प्रेरणा मिली। यद्यपि बीमा जैसे विस्तृत विषय पर बाजार में अनेक पुस्तकें उपलब्ध हैं फिर भी मुझे लगा कि बीमा की अवधारणा को सरल शब्दों में पाठकों और परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराया जाना वांछनीय है। प्रस्तुत पुस्तक इसी दिशा में मेरा छोटा-सा प्रयास है। मुझे आशा है कि पाठक इससे अवश्य ही लाभान्वित होंगे।-राजेंद्र शर्मा