यह पुस्तक जि़न्दगी के हर पहलू पर लागू होती है। यह पुस्तक इस अर्थ में बहुमूल्य है कि यह आपको याद दिलाती है कि आप ख़ुद ही अपने भाग्य के विधाता हैं। अपने उद्देश्य को सफलता दिलाने और उसे आसानी से हासिल करने के लिए आपको एक सकारात्मक निर्णय लेना होता है। प्रमोद बत्रा अपने सीधे सरल और आसान तरीक़ों के द्वारा आपको यह सब करना बताते हैं। सिर्फ़ एक चीज़ करने की होती है जिसे कहते हैं ‘शुरुआत’ जो आदमी को सिकन्दर बनाती है।.