उसने घूम-घूम कर मेरा मुआयना किया मुँह के चक्कर लगाये सर पर मंडराया फिर सामने शीशे के ऊपर बैठ गया।“इत्र फुलैल लगा के किधर की सवारी है? बालों में खूब चमेली के तेल की मालिश की गयी है माजरा क्या है?” कहकर उसने आँख दबाई और मुस्कुराने लगा।मुझे लगा उसने व्यंग्य किया है। मुझसे रहा नहीं गया।“तुम्हारी मच्छराइन से मिलने जा रहा हूँ।” मैंने चिढ़ कर कहा।“चमेली का तेल लगा के जाओगे तो मच्छराइन तो क्या नाली की कीड़ी भी नहीं मिलेगी|”वह खींसे निपोर कर हँसने लगा।• जॉनी का जिन्न“तो आपके यहाँ 13 नं. वाला कमरा नहीं है?”“सर आप जानना ही चाहते हैं तो बताता हूँ उस नम्बर का कमरा हमारे यहाँ पहले था लेकिन हम उसको खाली रखते थे।”“खाली क्यों रखते थे?”“एकदम खाली नहीं। जिसका जाने का नम्बर आ जाता था उसको उस नम्बर में कर देते थे वहीं से फिर वह चला जाता था।”“कहाँ चला जाता था?”“उसी के पास जो आदेश कर देता था।”“कौन आदेश कर देता था?”“खुदावंद!”“क्या आदेश कर देता था?”“यही कि तेरा समय हो गया पूरा।”• तेरा तुझको अर्पण