डॉ वीरेंद्र सिंह जन्म: 29 जून गांँव डालावास जिला चरखी दादरी हरियाणा ।आत्मज: श्री जगन सिंह जी(अध्यापक) व श्रीमती बदामा देवी (गृहिणी)स्कूली शिक्षा: राजकीय उच्च विद्यालय डालावास । उच्च शिक्षा: स्नातक एवं एम ए अंग्रेजी साहित्य पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ । सरकारी सेवा के दौरान बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से विधि स्नातक बरकतुल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से समाज शास्त्र में एम ए और तत्पश्चात समाज शास्त्र में डॉक्टरेट - पीएचडी ।शासकीय सेवा: राष्ट्रीकृत बैंक में अधिकारी और तदुपरांत यूपीएससी से सिविल सर्विसेज (IRTS) में चयन और देश के विभिन्न क्षेत्रों में कई शहरों में भारतीय रेल और भारतीय रेल के उपक्रम आईआरसीटीसी में कई वरिष्ठ पदों पर पदस्थापना। साहित्य लेखन: साहित्य लेखन अंग्रेजी और हिंदी में गद्य और पद्य दोनों में रुचि । विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में समय समय पर लेखन प्रकाशित। प्रकाशित पुस्तके: दो हिंदी काव्य संग्रह प्रकाशित “सपनों का इंद्रधनुष” (2005) और “खुशबू हवा और चांँदनी” (2008)। तीसरी पुस्तक “जुस्तजू” (2024-25) हिंदी ग़ज़ल /गीत और कविता का मिश्रित काव्य संग्रह आपके हाथ में । साहित्य सेवा: “अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन” में वर्ष 2002 से सक्रिय। विभिन्न पदों पर साहित्यिक कार्य दायित्व निर्वहन । राष्ट्रीय सचिव अंतर्राष्ट्रीय सचिव कार्यवाहक अध्यक्ष और संप्रति राष्ट्रीय अध्यक्ष “अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन” का दायित्व। सम्मान: विशिष्ट साहित्य साधना सम्मान 2005 समन्वय श्री 2006 साहित्य श्री 2008 बेताल सम्मान 2008 चतुष्पद सृजन सम्मान 2008 श्री चंद्रप्रकाश वर्मा स्मृति पुरुष्कार 2010संस्कृति भूषण अलंकरण 2014राष्ट्रीय गौरव अलंकरण 2014 राजा महेन्द्र प्रताप स्मृति राष्ट्रीय साहित्य भूषण अलंकरण 2017 डॉक्टर विजयेंद्र स्नातक स्मृति राष्ट्रीय साहित्य भूषण अलंकरण 2018 महान क्रांतिकारी राजा महेन्द्र प्रताप राष्ट्रीय साहित्य भूषण अलंकरण 2019 और श्री सतीश चतुर्वेदी आजीवन साहित्य सेवा राष्ट्रीय पुरुष्कर 2019.भारतीय रेल सेवा से निवृत हो परिवार सहित गुरुग्राम में निवास साहित्य लेखन और सामाजिक सौहार्द में सक्रिय रूप से व्यस्त। सम्पर्क: Dr Virender Singh IRTS(R)‘Savita Sadan’416 सेक्टर 45 Gurugram -122003. Email: virensingh416@gmail.comMobile: 9969006100.