मानव मन हमेशा से अपने भविष्य को जानने के प्रति उत्सुक रहा है। भारतीय दार्शनिकों एवं मनीषियों ने जन साधारण के इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर ग्रहों एवं नक्षत्रों के आधार पर मनुष्य के जीवन में होने वाले परिवर्तनों को ज्ञात करने के लिए ज्योतिष शास्त्र की रचना की थी । प्रस्तुत पुस्तक ज्योतिष के उन्हीं गूढ़ रहस्यों का अत्यंत ही सरल शब्दों में व्याख्या करता है जिससे ज्योतिष शास्त्र की कठिन विवेचना को साधारण पाठक भी आसानी से समझ सके ।