About author ज्योतिर्विद्याभूषण डॉ स्वप्निल ईश्वरलाल जोशी इन्होंने औरंगाबाद और काशी यहाँ पर याज्ञीकी अध्ययन किया है। 14 जून 2009 इस साल में प.पु. जगद्गुरु शंकराचार्य इनके करकमलोंवित ज्योतिष भास्कर प्रशस्ति पत्र तथा श्रीफल देकर इन्हें सन्मानित किया गया है। इसी प्रकार 13 दिसंबर 2012 को महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रमाणित रजि. प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है साथ ही 14 मार्च 2016 में ज्योतिष विश्व विद्यापीठ से Phd (डॉक्टरेट) तथा सुवर्ण पदक के साथ पुणा यहाँ के ज्योतिष संस्थान से ज्योतिर्विद्याभूषण पुरस्कार से सन्मानित हुवे है Author book ज्योतिष उस विद्या को कहते हैं जिसमें मनुष्य तथा पृथ्वी पर ग्रहों और तारों के शुभ तथा अशुभ प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। ज्योतिष शब्द का यौगिक अर्थ ग्रह तथा नक्षत्रों से संबंध रखनेवाली विद्या है। इस शब्द से यद्यपि गणित (सिद्धांत) ज्योतिष का भी बोध होता है तथापि साधारण लोग ज्योतिष विद्या से फलित विद्या का अर्थ ही लेते हैं। इसलिए में डॉ. स्वप्निल जोशी ज्योतिष सरिता इस किताब के जरिये ज्योतिष का सूक्षतम अध्ययन तथा विचार प्रणाली आप सबके सामने प्रस्तुत कर रहा हु। इसमे ज्योतिष सिखने के लिए आपको तिथि वार नक्षत्र योग करण का किस प्रकार से ज्योतिष में उपयोग किया जाता है उनकी सूक्ष्मतम व्याख्याए क्या है तथा उनका कुंडली के जरिये अपने जीवन पर क्या और कैसे प्रभाव होता है यह गणित स्कंध तथा संहिता स्कंध के आधार पर आपके हित में प्रस्तुत किया गया है।
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