इस पुस्तक में अमृता प्रीतम ने अपने संस्मरणों को पुरोया है। ये संस्मरण इतने महत्वपूर्ण है कि इनके कारण उनका पूरा व्यक्तित्व और कृतित्व ही झलकता है। ये संस्मरण वास्तव में अनुपम और अतुलनीय हैं। इन संस्मरणों को पढकर किसी उपन्यास की दुनिया में जाया जा सकता है। इनमें कुछ रोचक सपनों की बातें भी हैं जो बेहद ही दिल को छूनेवाली हैं|