कबीर संगति साधु की एक विमर्श उपर्युक्त पुस्तक में कबीर के विषय में प्रचलित भ्रांतियों को मिटाया गया है। कबीर अनपढ़ नहीं बल्कि पढ़े-लिखे थे। उनके माता-पिता कौन थे यह अज्ञात है। वे विरक्त संत थे। पत्नी - बच्चे नहीं थे। उनकी मृत्यु के बाद शव के स्थान पर कुछ फूल पड़े मिले। शव गायब हो गया। कबीर जैसे तार्किक और वैज्ञानिक विचारों वाले संत के साथ ऐसे चमत्कार जोड़ना अनुचित है। वे परख अर्थात परीक्षण को सर्वोपरि मानते थे। कहते थे कि जानो तब मानो।