इस किताब में मैंने बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए जिनके मन में ढेर सारी जिज्ञासाएं रहती है परिवार के बारे में शहर के बारे में देश के बारे में दुनिया के बारे में प्रकृति के बारे में ईश्वर के बारे में धर्म के बारे में राजनीति के बारे में रिश्तों के बारे में विज्ञान के बारे में फोन के बारे में गूगल के बारे में इंटरनेट के बारे में सोशल मीडिया के बारे में उन्ही सब सवालों का जवाब मेरी इस कविताओं की किताब में है आज के बच्चे स्कूल की किताब के अलावा फोन को ही मनोरंजन और जानकारी का माध्यम मानने लगे हैं साहित्य से उनका संपर्क टूट सा गया है मेरी ये किताब उन्हें साहित्य से जोड़ेगी प्यार और आशीर्वाद के साथ पूरी दुनिया के बच्चों के लिए मेरी कविताओं की किताब ये कच्ची उम्र के रास्ते आपकी कवित्री और लेखिका नीतु निर्झर मेरा परिचय ही मेरी लेखनी है मैं एक कवित्री और लेखिका हूँ