लोकतंत्र संविधान एकता में अनेकता को फ़लते फूलते देख़ने की चाह रख़ने वालों को समर्पित दीपक राजसुमन की यह किताब “कहानी नए भारत की” मौजूदा दौर में लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र का सत्ता के द्वारा दुरुपयोग। गोदी मीडिया के जरिए दर्शकों को भीड़ में तब्दील करना। किताब-कलम और रोजगार की जगह जाति धर्म मंदिर मस्जिद के नाम पर देश के युवाओं को मोब लिंचिंग के लिए उकसाना। लोक-लुभावन वादों के जरिए नए भारत को उलझाना। इसी की पड़ताल करती ये किताब वर्तमान समय की एक लिखित दस्तावेज है। जो लोकतान्त्रिक राष्ट्र में हर एक नागरिक को बोलने लिखने और सवाल करने के लिए मजबूर करती है।