सफलता का स्वाद सभी चखना चाहते हैं। लोग मन ही मन सफलता की लुभावनी कल्पना करते हैं। कोई बहुत बड़ा खिलाड़ी बनना चाहता है तो कोई हीरो बनने की कल्पना करता है कोई उद्योगपति बनना चाहता है तो कोई उच्च अधिकारी तो कोई राजनेता बनने के सपने देखता है। फिर बड़े लोगों ने जिन्होंने सफलता का दुर्लभ स्वाद चखा है उन्होंने अन्य लालायित जिह्वाओं को भी यही बताया है कि सफलता में स्वाद और सुगंध ही नहीं सुरूर भी है।