करतब वाली मुनिया एगो कहानी संग्रह बाटे जवना में कुल 30 गो छोट बड़ कहानी बाटे। ई सब कहानी वर्तमान समाज के प्रतिनिधित्व कर रहल बा अउर परिवेस में मोटिवेशन के काम कर रहल बा। हर कहानी कुछ न कुछ सन्देश दे रहल बा जवना से समाज में बदलाव अपेक्षित बा। कुछ कहानी बच्चन पर भी बा जवन की बच्चन के शिक्षा खातिर प्रेरित कर रहल बा। कुछ कहानी स्कूली व्यवस्था के खामी के भी उजागर कर रहल बा जईसे की शैली। कहानी के पात्र ग्रामीम बाड़न अउर परिवेश भी ग्रामीण बा। 'करतब वाली मुनिया' कहानी उ बंजारन पर आधारित बाटे जे आपन रोजी रोटी खातिर करतब दिखा के आपन जीवन यापन कर रहल बा। 'उस दिन' लेखक के संगे घटल सच्ची घटना पर आधारित कहानी बा। 'मंगला' एगो साहसी बालिका के कहानी बा। 'जामुन' बालपन पर आधारित कहानी बा। 'गुफ्तगु' कहानी मानव अउर जानवर के बीच अकल्पित संवाद के कहानी बा। एही तरह से सब कहानी कुछ न कुछ सन्देश दे रहल बा। भोजपुरी लोक भाषा बिहार अउर पूर्वी उत्तर प्रदेश के आपन बोली बा। आपन माटी के बोली सबके पसन्द आवेला। आपन मातृभाषा से सबका प्रेम स्नेह होखेला हमरो बा। लोक भाषा भोजपुरी में लिखे के एगो हम प्रयास कईले बानी। भोजपुरी भाषा कोयल से भी मीठ लागेला। उम्मीद बा कि हमार ई प्रयास रउआ लोग के पसन्द आई। संजीव कुमार 'रंजन' गोपालगंज बिहार।