?????-?-??? : ????? ?? ????? ???? (Kashmakash-e-Dil : Pyaar ke Ankahe Shabd) | Hindi Poetry | Nikhil Gupta

About The Book

<p><strong>ये लफ़्ज़ रूह की आवाज़</strong><br>ये कविताएँ सिर्फ़ शब्द नहीं बल्कि दिल की गहराइयों से निकला एक एहसास है। एक ऐसा एहसास जो एक अनकही मोहब्बत की खुशबू से महकता है जो एक ख़ामोश इश्क़ की तड़प से तपता है। ये वही एहसास है जिसने हँसाया भी है रुलाया भी है और जीना सिखाया भी है। &nbsp;</p><p>एक लड़की जो एक लड़के के दिल में बसी तो है मगर जिसे उसने कभी अपने लफ़्ज़ों से नहीं छुआ। शायद वो भी उसके बारे में सोचती होगी शायद नहीं भी। शायद उनकी अधूरी कहानी का कोई मुकम्मल अंजाम हो सकता था शायद नहीं भी। मगर इन सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें। &nbsp;</p><p>फिर भी ये कविताएँ उसकी ज़िंदगी के उस सफर की गवाह हैं जहां मोहब्बत ने उसको एक नया आयाम दिया। ये कविताएँ उसके ग़मों उसकी निराशाओं उसकी उम्मीदों उसकी खुशियों और उसकी कामयाबी का आईना हैं।</p><p>अगर आपने भी कभी किसी को चुपके से चाहा है किसी की ख़ामोशी में अपनी आवाज़ ढूँढ़ी है या किसी के लिए अपने जज़्बातों को लफ़्ज़ों में पिरोने की कोशिश की है तो ये कविताएँ आपके दिल के किसी कोने को ज़रूर छू जाएंगी। &nbsp;</p><p>आइए मेरे साथ इस सफर पर चलें। इन कविताओं के ज़रिए उस लड़के की दुनिया में झाँकें उसके एहसासों को महसूस करें और शायद आपको भी अपनी कहानी इन पन्नों में कहीं न कहीं मिल जाए।</p>
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