हन्दी में एक कविता संकलन प्रकाशित करने की हसरत काफी दिनों से रही है। भारत के विभिन्न हिस्से में साहित्यिक आयोजन में भाग लेने या पारिवारिक यात्र पर जाने से काफी लोग मुझसे मेरी हिन्दी कविता मांगते हैं। हिन्दी पढ़-लिऽ सकती हूं पर कविता हिन्दी में लिऽने में महारत हासिल नहीं है। मेरी चुनिन्दा कविताओं का हिन्दी अनुवाद कवि एवं अनुवादक दिनकर कुमार ने किया है। मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। यह मेरा ग्यारहवां कविता संग्रह है। इसमें कुल 45 कविताओं को शामिल किया गया है। अधिकतर कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। असम का प्रतिनिधित्व करने वाली कई कविताओं को इस संग्रह में शामिल किया गया है ताकि देश के विभिन्न राज्यों के काव्य रसिकों को असम की मिट्टðी की महक मिल सके। विश्वास है हिन्दी के पाठकों को यह कविता संग्रह पसंद आएगा। -बर्णाली भराली