सहज, सरल बोलेजाने वाली भाषा के अतिरिक्त,हिंदी साहित्य में मेरा ज्ञान बहुत सीमित है। आशा है पाठक इस बात को ध्यान में रखकर मेरी कविताओं को समझने की कोशिश करेंगे । मेरी कवितायें मेरे अंतर्मन की अभिव्यक्ति है । कुछ अनुभूति,कुछ स्मृति थोडी सी काल्पनिक, कुछ अभिलाषा, ये सबका मिलाजुला एक चित्र है । जीवन के उतार- चढ़ाव में, समय और उम्र का हिसाब रखना कभी-कभी मुश्किल लगता है । पर कुछ ऐसे वक्त और घटनाएं (निजी व सामाजिक) होती हैं जो दिल पर गहरा छाप छोड़ जाती हैं । मेने उन्हीं अनुभूतिओं को शब्द में कैद करने की कोशिश की है । पुस्तक में मेरे स्वयं के द्वारा बनायी हुयी कुछ चित्र भी शामिल है आशा है ये छोटी सी पुस्तक "खामोश लम्हे" पाठकों के मनोरंजन करने में समर्थ होगी । --- दीप्ति मिश्रा
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