ख्वाहिशों की कोई हद नही होती.. कुछ पुरी होती है कुछ सारी जिंदगी हमे उनके पिछे चलने पर मजबूर करती है इस आशा मे की एक ना एक दिन वे जरूर पुरी होंगी। 'ख्वाहिशें' यह संचय है कुछ ऐसी ही कहानियों का जो प्रेरित है सच्ची घटनाओ से। पढ़िए 'ख्वाहिशें' जिसकी हर कहानी आप को एक अलग दुनिया मे ले जायेगी। 'ख्वाहिशें (कुछ आधी सी कुछ अधूरी सी) मृगांजली शर्मा की तरफ से ।