अखिलेश शर्मा की कविताएँ शीर्षक ‘किश्तों में आदमी’ गुजरे वक़्त की दुनिया रचती हैं। ये कविताएँ हमें किताबों डायरियों बालमन स्त्रीमन मित्रता नदी पर्व और किसी नवीन कहानी से लेकर दिल्ली मेट्रो तथा बनारस तक की यात्रा कराती हैं और बनारस से इनका प्रेम एक अलग ही स्तर का है! वैसे एक कविता में यात्रा भी दर्ज हुई है जहाँ अखिलेश कहते हैं यात्रा अपनी जारी रखते हैं ये ज़िदादिली हम बनाए रखते हैं।