Krishan Aur Hasta Hua Dharam & Kaivalya Upanishad (?????? ??????)
Multiple Languages

About The Book

कृष्ण और हँसता हुआ धर्म-: ओशो के प्रखर विचारों ने ओजस्वी वाणी ने मनुष्यता के दुश्मनों पर संप्रदायों पर मठाधीशों पर अंधे राजनेताओं पर जोरदार प्रहार किया। लेकिन पत्र-पत्रिकाओं ने छापीं या तो ओशो पर चटपटी मनगढंत खबरें या उनकी निंदा की भ्रम के बादल फैलाए। ये भ्रम के बादल आड़े आ गये ओशो और लोगों के। जैसे सूरज के आगे बादल आ जाते हैं। इससे देर हुई। इससे देर हो रही है मनुष्य के सौभाग्य को मनुष्य तक पहुंचने में।कैवल्य उपनिषद-: ओशो की जीवंत उपस्थिति को शब्दों में अभिव्यक्त करना संभव नहीं है। हां संगीत से कुछ इशारे हो सकते हैं इंद्र-धनुषी रंगों से कुछ चित्र चित्रित हो सकते हैं।मौन को शून्य को आनंद को जिसने अनुभूत कर लिया हो उसने ओशो को जरा जाना जरा समझा। सच ओशो को जीना हो तो ओशोमय होने के अतिरिक्त और कोई उपाय कहां है!सुबह की ताजी ठंडी हवाओं को आप कैसे अभिव्यक्त करेंगे? दो प्रेमियों के बीच घट रहे प्रेम के मौन-संवाद को आप कैसे कहेंगे? अज्ञेय को अनुभूत तो कर सकते हैं लेकिन कहेंगे कैसे?ओशो रहस्यदर्शी हैं संबुद्ध हैं शास्ता हैं आधुनिकतम बुद्ध हैं। वे परम विद्रोह की अग्नि हैं जीवन रूपांतरण की कीमिया हैं।ओशो की पुस्तकों को पढ़ना अपने को पढ़ना है। स्वयं पढ़कर देख लें स्वयं जी कर देख लें।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
downArrow

Details


LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE