विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों में प्रकाशित श्री कृष्ण के जीवन चरित्र के विषय में जो मैंने आत्मसात किया उसका वर्णन "कृष्णं वंदे जगद्गुरुम्" में किया है। इस पुस्तक में यह बताने का प्रयत्न किया है कि श्री कृष्ण प्रबंधन के क्षेत्र में भी मार्गदर्शक थे । प्रस्तुत पुस्तक श्री कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं उनके कला-कौशल को उन्ही के जीवन उदाहरणों द्वारा दर्शाती है। श्री कृष्ण द्वारा प्रदान किया हुआ ज्ञान लौकिक-अलौकिक, विज्ञान- अध्यात्म में रूचि रखने वाले सभी के लिए उपयोगी है, जो इस पुस्तक में निहित है। इस पुस्तक में वर्णित जानकारी वैसे तो सभी के लिए उपयोगी है परंतु आज की युवा पीढ़ी और खासकर मैनेजमेंट के विद्यार्थियों के लिए यह एक उत्तम पथप्रदर्शिका बन सकती है। श्री श्याम राठी जी का कार्यक्षेत्र बहुत ही व्यापक रहा है। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है। वे पिछले पचास वर्षोंसे मार्केटिंग और कंसल्टेंसी के व्यापार से जुड़े हैं। प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी विशेष रूचि रही है।