Kuch Aapbiti Kuch Jagbiti
Hindi


Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE

About The Book

कुछ आपबीती कुछ जगबीती रचना एक सामान्य व्यक्ति के जीवन संघर्ष की दास्तान है जिसको बेरोजगारी की स्थिति में अपनी पत्नी सहित अपने परिवार में उपेक्षा और अपमान सहना पड़ता है और रोजगार मिल जाने के बाद अपने शहर से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर तमाम दुश्वारियां झेलते हुए बत्तीस दांतो के बीच जीभ की तरह अपने आपको बचाये रखने के लिये अपने अधिकारियों और सहकर्मियों से जूझना पड़ता है। वर्ष 1972 से 1996 की अवधि में मैने परिवार समाज और अपनी शासकीय सेवा में अपने आस-पास जैसा घटित होता हुआ देखा और महसूस किया है उसको वैसा ही लिखने का प्रयास किया है। किसी की भावना को तकलीफ न पहुँचे इसलिये पात्रों के नाम और स्थान परिवर्तित कर दिये हैं। फिर भी किसी घटना या किसी बात से किसी को कोई ठेस पहुँचती है तो सुधिजन मुझको क्षमा करेंगे ऐसी मैं आशा करता हूँ। अगर किसी एक व्यक्ति को भी मेरी यह रचना अच्छी लगे तो मैं अपने को धन्य समझूंगा। आलोचनाओं का मैं हृदय से स्वागत करूँगमंजिले मिल ही जायेंगी भटक कर ही सही।नादान है वो जो घर से निकलते ही नहीं।~एस.पी. सिंहा।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Fast Delivery
Fast Delivery
Sustainably Printed
Sustainably Printed
downArrow

Details