निबंध साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है। विचारों अथवा अनुभूत सत्य को सुन्दर भाषा-शैली में निबद्ध कर जो रचना तैयार होती है उसे निबंध कहते हैं। यों निबंध शब्द ‘नि+बंध’ से बना है जिसका अर्थ है अच्छी तरह से बँधा हुआ। निबन्ध की भाषा विषय के अनुकूल होती है। भाषा के अच्छे प्रयोग द्वारा ही भावों विचारों और अनुभवों को प्रभावशाली दंग से व्यक्त किया जा सकता है। बाबू गुलाबराय ने निबंध की परिभाषा में अनेक तत्त्वों का सम्मिश्रण करते हुए कहा है- ‘‘निबंध उस गद्य-रचना को कहते हैं जिसमें एक सीमित आकार के भीतर किसी विषय का वर्णन या प्रतिपादन एक विशेष निजीपन स्वच्छंदता सौष्ठव और सजीवता तथा आवश्यक संगति और सम्बद्धता के साथ किया गया हो। ’’ आचार्य शुक्ल के अनुसार-’’यदि गद्य कवियों को कसौटी है तो निबन्ध गद्य की।