यह मेरी किताब हर पल प्यार की बूंदों को बरसाती हुई कविताओं की एक ऐसी श्रृंखला है जिसे मैंने कभी एक भाई बनकर तो कभी एक किसान कभी एक मां का बेटा और कभी प्यार का परवाना तो कभी राह भटकता राहगीर बनकर अपनी भावनाओं को बिखेरने की कोशिश की है ! अगर आप एक अच्छे इंसान हैं तो इसे जरूर पढ़िएगा और अगर आप एक अच्छे इंसान बनना चाहते हैं तो इसे दोबारा पढ़िएगा!! हमारी जिंदगी के बीच एक लाइन दीवार बनकर खड़ी हो जाती है “कुछ तो लोग कहेंगे“