Kuldevta Ka Rahasy
Hindi


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About The Book

<p>अगर आप मानते हैं कि रूहें हैं और वो भटकती हैं तो आपको किसी भी सबूत की जरूरत नहीं है। और अगर आप इस बात को नहीं मानते तो हमारा कोई भी सबूत आपके लिए काफी नहीं है। कुलदेवता का रहस्य सुख-दुख जन्म-मरण तीज-त्योहार और आपत्तियों में उन्हें सबसे पहले याद किया जाता है। वे ही हैं जो कई पीढ़ियों से अपने कुल की रक्षा करते आ रहे हैं। श्याम के परिवार पर अचानक ही एक विपदा आ गई— सभी जन परेशानी में थे। उनकी जान को खतरा था। कोई तो था जो कई पीढ़ियों से उनके पीछे पड़ा हुआ था। उसका उद्देश्य क्या था? सुना गया था कि वह अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकता था। भगवान से भी टकरा सकता था! मृत्यु का उसे कोई भय नहीं था। अतीत और वर्तमान के बीच में उलझी सात पीढ़ियों की यह कथा कई सच्ची घटनाओं पर आधारित है। पशु बलि लोभ- लालच ईर्ष्या-द्वेष और तंत्र-मंत्र के रहस्यमई संसार में भाई-भाई का संघर्ष है। अपनी लालसाओं के वशीभूत होकर ऊपरी शक्तियों की मदद से जीवन के भौतिक सुखों की पूर्ति की हवस है।</p>
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