इस उपन्यास में एक ऐसी युवती की मार्मिक कहानी है जो दारूण दुख भोगते छोटे किसानों भूमिहीनों और आदिवासियों की विपदाओं को देखकर एवं सुनकर व्यथित हो उठती है और परमार्थ के लिए अपने जीवन को दांव पर लगा देती है। यह एक अत्यंत लोकप्रिय उपन्यास है और इसे बंगाली से सीधा अनुवाद किया गया है। इसकी भाषा अत्यंत सरल है और यह पुस्तक हर किसी के पढने योग्य है।.