Lokpriyata Ke Shikhar Geet
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गीत तो गंगा की पावन पवित्र धारा के समान है । गीत का इतिहास बताता है कि हजारों वर्षों से चली आ रहे इस परंपरा के साथ भले ही वक्त छेड़छाड़ करता रहा हो लेकिन उसके मूल स्वरुप को कोई नहीं बिगाड़ पाया इसलिए ये गंगा पहले भी अपनी शांत लहरों से जनमानस को आप्लावित करती रही और आज भी कर रही है । मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक गीत अपना अस्तित्व बनाए रखता है इसलिए हर अवसर पर गीत किसी न किसी रूप में हमारे सामने आकर खड़ा हो जाता है । वैसे अब तक गीतों के अनेक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं लेकिन ये संकलन कई मायनों में अपने आप में इसलिए अनूठा है कि इसमें उन गीतों को शामिल किया गया है जो अपने समय में लोगों के गले का कंठहार बने । ये गीत इतने लोकप्रिय हुए कि कवि की पहचान बन गए । प्रस्तुत संकलन में काव्य मंच के सभी लोकप्रिय गीतकारों के सर्वप्रिय चर्चित गीतों को तो शामिल किया गया है इसके अलावा उन गीतों को भी स्थान दिया गया हैं जो गीत लोकप्रिय तो होने चाहिए थे लेकिन उन्हें समय पर उचित मंच नहीं मिला । इसलिए गीतकारों के गीतों की संख्या में भी समानुपात नहीं रखा गया है । विश्वास है हिंदी गीतों का यह ख़ूबसूरत गुलदस्ता हिंदी काव्य-प्रेमियों को महक तो देगा ही साथ में तृप्ति का आभास भी कराएगा...।.
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