त्रेतायुग में रामानुज लक्ष्मण जी के द्वारा बसाई और शासित लक्ष्मणपुरी ने आधुनिक परिवेश ग्रहण करने तक क्या-क्या अनुभव आत्मसात् किये कालान्तर में अवध के नवाबों ने यहाँ कौन सी अनमोल धरोहरों को स्थापित किया उनके बाद जब अंग्रेजों का इस नगर पर अधिपत्य हुआ तो उन्होंने इसे महानगर के रूप में अपनी अनेक निशानियों से कितना भव्य बनाया और स्वतंत्रता की लड़ाई में यहाँ के सेनानियों ने कैसे अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए। किस प्रकार यह लखनावती से लखनऊ महानगर कहलाने लगा इन तमाम ऐतिहासिक तथ्यों के अनूठे वर्णन के साथ ही औपन्यासिक मनोरंजन गाथा और मार्गदर्शक उद्बोधन का मनहर संयोजन मिलता है इस सुन्दर उपन्यास ‘लखनऊ ट्रायंगल'' में। प्रेम उत्थानपरक सन्देश और लखनऊ महानगर में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी और अनूठी कृति है ‘लखनऊ ट्रायंगल''।.